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Politics & War

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Arti Dogra

Arti Dogra

INSPIRATION

 

  •  सच्ची लगन और हौंसले का कोई कद नहीं होता। कहते है अगर हौंसले हो तो उसके बुते इंसान ऊंची से ऊंची उड़ान भर सकते है।
  • इसकी मिसाल है वो आईएएस अफसर जिसकी तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
  • इस महिला आईएएस का नाम आरती डोगरा है और इन्होंने अपनी मेधा का परचम इतना लहराया है कि ये इन दिनों चर्चाओं में है। आरती का कद साढे तीन फुट का है लेकिन आज वो देशभर की महिला आइएएस के प्रशासनिक वर्ग में मिसाल बनकर उभरी हैं। उन्होंने समाज में बदलाव के लिए कई मॉडल पेश किए है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी खूब पसंद आए है।
LIFE

 

  • आरती का जन्म देहरादून में हुआ उन्होंने ब्राइटलैंड स्कूल में पढ़ाई की है। आरती राजस्थान कैडर की 2006 बैच की आइएएस है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया।  उसक बाद वो पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए वो देहरादून चली गई। उन्होंने पहले ही प्रयास में देश की सबसे बड़ी परीक्षा पास कर ली और आईएएस बन गई।
  • आरती डोगरा को डिस्कॉम की मैनेजिंग डायरेक्टर से अजमेर के जिलाधिकारी की जिम्मादारी सौंपी गई। उन्होंने खुले में शौच से मुक्ति के लिए शुरू हुए उनके स्वच्छता मॉडल बंको बिकाणो पर पीएमओ ने उनकी खूब तारीफ की थी। आरती अपने मा बाप कर्नल राजेन्द्र डोगरा और कुमकुम डोगरा की इकलौती औलाद है। उनकी मां एक प्राइवेट स्कूल में प्रधानाध्यापिका रही हैं।

INSPIRATION

 

  • इनसे मिली आरती को प्रेरणा 
    दून में पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात आइएएस और वर्तमान प्रमुख सचिव मनीषा पंवार से हुई। मनीषा ने आरती का हौंसला बढ़ाया और आरती दिन-रात मेहनत करने लगी और अपना लक्ष्य हासिल किया।
  • एक इंटरव्यू में आरती ने बताया कि उनके जन्म के बाद से ही लोग उनकी शारीरिक बनावट को लेकर सवाल उठाते थे। इसके बाद भी उनके माता पिता ने तय किया कि वो अपने बेटी को सामान्य स्कूल में अन्य बच्चों के साथ पढ़ाएंगे। उन्होंने बताया कि लोग मेरी मां से पूछते थे कि अब अगला बच्चा कब होगा। मेरे माता पिता हमेशा यहीं कहते थे कि बस एक ही बच्चा काफी है। उन्होंने बताया कि मेरे माता पिता ने बहुत साथ दिया है।

MODEL

 

  • जब आरती बीकानेर में थी तब उन्होंने ‘बंको बिकाणो’ अभियान की शुरुआत की। इस अभियान से उन्होंने लोगों को शौच मुक्त करने के लिए प्रेरित किया।
  • गांव में पक्के शौचालय बनवाए। जिसकी मॉनीटरिंग मोबाइल साफ्टवेयर से की जाती है। यह अभियान 195 ग्राम पंचायतों तक सफलतापूर्वक चलाया गया। इसके बाद बंको बिकाणो की आस पास के जिलों में भी इये अपनाया गया। साथ ही बता दें कि आरती डोगरा को राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कई पुरस्कार मिले हुए है। बीकानेर में आरती ने कई अनाथ बच्चों की साहयता भी की है।
  • आरती जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक के पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला आईएएस अधिकारी रही।आरती डोगरा ने पद ग्रहण करने के बाद कहा कि जोधपुर डिस्कॉम में फिजूल खर्ची, बिजली बर्बादी पर नियंत्रण के लिए जूनियर इंजीनियर से लेकर चीफ इंजीनियर तक की जिम्मेदारी तय की जाएगी। दूरदराज में जहां बिजली नहीं है वहां बिजली पहुंचाने के सभी प्रयास किये उनके द्वारा किये गए। इसके अलावा बिजली बचत को लेकर जोधपुर डिस्कॉम में एनर्जी एफिशियेंसी सर्विस लिमिटेड (ईईएसएल) द्वारा उन्होंने 3 लाख 27 हजार 819 एलईडी बल्ब का वितरण भी करवाया था। जिससे बिजली की खपत में बहुत हद तक नियंत्रित हुआ था